दुख की यह सीमा है , जहाँ हर पल एक दर्द का प्रमाण बन जाता है। बेचैनी आँसुओं से भी ज्यादा गहरा है, यह तरस दिल के अंदर ही छिपा रहता है। एक हृदय जो खुद को भूल गया है, वो अपनी आत्मा में खो जाता है। हर भावना एक झूठी शराब की तरह लगती है जो थोड़ी ही देर तक सुख का भ्रम दिखाती है। सही लक्ष्य - ह